डिजिटल भुगतान प्रणाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाः पूर्वांचल क्षेत्र का अध्ययन
जागृति सिंह, शोध छात्रा, वाणिज्य विभाग, तिलकधारी महाविद्यालय, जौनपुर, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर.
DOI: 10.70650/rpimj.2026v2i100008
DOI URL: https://doi.org/10.70650/rpimj.2026v2i100008
Issue: Vol. 2 ★ Issue 1 ★ January-March 2026
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सारांश:

यह शोधपत्र “डिजिटल भुगतान प्रणाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्थारू पूर्वांचल क्षेत्र का अध्ययन” विषय पर केंद्रित है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में यह पाया गया कि डिजिटल भुगतान प्रणालीकृजैसे यूपीआई, मोबाइल वॉलेट और मोबाइल बैंकिंगकृने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता, दक्षता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है। विशेष रूप से किसानों, छोटे व्यवसायियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह प्रणाली लेन-देन को सरल, सुरक्षित और त्वरित बनाने में सहायक सिद्ध हुई है। इसके साथ ही, शोध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल भुगतान ने रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और बाजार तक पहुँच को विस्तृत किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गतिशीलता में वृद्धि हुई है। हालांकि, डिजिटल साक्षरता की कमी, तकनीकी अवसंरचना की कमजोरी, नेटवर्क समस्याएँ और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे अभी भी प्रमुख बाधाएँ हैं। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि यदि इन चुनौतियों को उचित नीतिगत हस्तक्षेप, जागरूकता कार्यक्रमों और तकनीकी सुधारों के माध्यम से दूर किया जाए, तो डिजिटल भुगतान प्रणाली ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सतत और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।.

मुख्य शब्द: डिजिटल भुगतान प्रणाली, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पूर्वांचल, वित्तीय समावेशन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल साक्षरता, उद्यमिता, कृषि अर्थव्यवस्था, साइबर सुरक्षा.