वृद्धावस्था एक सहज प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह एक जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है। आधुनिक औद्योगिक समाज में वृद्धों को इस अवस्था में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ये समस्याएँ विशेषतः आर्थिक असुरक्षा, शारीरिक कमजोरी, खाली समय का उचित प्रबंधन तथा सामाजिक अकेलापन से संबंधित होती हैं। जब वृद्ध व्यक्ति इन समस्याओं का समाधान ढू़ढ़ने में असफल रहते हैं, तो उनके जीवन में आदर्श, सुरक्षा और सामाजिक सहयोग की कमी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। परिवार और समाज में भी वद्धों की देखभाल को बोझ समझने की प्रवत्ति बढ़ रही है, जिसके कारण उनकी देखरेख करने वाले परिवारों में गिरावट देखी जा रही है। इस प्रकार, वृद्धावस्था से जुड़ी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पाने के कारण यह मुद्दा एक महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौती के रूप में उभर रहा है। इस पत्र के अन्तर्गत भारत में वृद्ध महिलाओं की परिवारिक भूमिका एवं सामाजिक स्थिति का विश्लेषण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
मुख्य-शब्दः वृद्धावस्था; परिवारिक भूमिका ; सामाजिक स्थिति।