पश्चिमी कोशी मैदान (उत्तर बिहार का एक प्रमुख भाग, मुख्यतः पश्चिमी कोशी नहर कमान क्षेत्र) पर्यावरणीय संकटों का केन्द्र है। यह क्षेत्र कोशी नदी की बाढ़, नहर निर्माण से उत्पन्न जल-जमाव, गाद जमा होने, मिट्टी की उर्वरता ह्रास और स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से जूझ रहा है। प्रस्तुत शोध द्वितीयक स्रोतों (सरकारी रिपोर्ट, शोध पत्रों और पर्यावरणीय अध्ययनों) पर आधारित है। मुख्य निष्कर्ष है कि तटबंध, नहर और मानवीय हस्तक्षेप ने प्राकृतिक प्रक्रियाओं को और अधिक अस्थिर बना दिया है। अध्ययन में बाढ़ प्रबंधन, सतत सिंचाई और सिल्ट प्रबंधन की सिफारिश की गई है।
मुख्य शब्द: पर्यावरण, प्राकृतिक, सिंचाई, बाढ़।