भारत में आर्थिक समृद्धि एवं रोजगार के अवसरः एक समीक्षात्मक अध्ययन
डॉ0 अरूण प्रसाद अमन, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र विभाग), आर. एस. एस. साइंस कॉलेज, सीतामढ़ी, बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर

DOI: 10.70650/rpimj.2025v1i2000017
DOI URL: https://doi.org/10.70650/rpimj.2025v1i2000017
Issue: Vol. 1 ★ Issue 2 ★ October - December 2025
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सारांश:

भारत युवाओं का देश है, भारत मे 15-64 वर्ष की 67.8 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। इसलिए भारत को जनांकिकीय लाभांश की स्थिति प्राप्त है। भारत के जी.डी.पी. ने कृषि क्षेत्र का योगदान सबसे कम 18 प्रतिशत है। किंतु भारत की 49 प्रतिशत जनसंख्या आज भी कृषि क्षेत्र पर निर्भर है। जबकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में निर्भरता क्रमशः 14 एवं 27 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट होता है, कि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र भारतीय श्रमबल को आज भी खपाने में असमर्थ है। भारत में रोजगार में वृद्धि एवं जी.डी.पी. में वृद्धि के बीच विपरीत संबंध देखने को मिला है। अर्थात भारत में जॉबलेश ग्रोथ की स्थिति निर्मित हुयी हैं।

मुख्य शब्द: आर्थिक समृद्धि, जॉबलेश ग्रोथ, समावेशी विकास, ट्रिकल डाउन थ्योरी, जनांकिकीय लाभांश, मानव विकास, फ्लिप्स वक्र।